जुनैद पारेख की रिपोर्ट जिला कोंडागांव

भाजपा राज में बिजली कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं, किसान आम जनता हो रहे परेशान संतराम नेताम
केशकाल विधानसभा पूर्व विधायक संतराम ने कहा कि भाजपा सरकार में आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रही हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटा बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली की खरीदी किया जाता था और आम जनता को 24 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थी। रवि फसल लगाने वाले किसानों को भी बोरवेल चलाने के लिए बिजली निःशुल्क मिलता था। कांग्रेस की सरकार के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से चले इसके लिए ट्रांसफार्मर के पावर बढ़ाए गए थे, नए ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। ट्रांसमिशनों को अपग्रेड किया गया। भाजपा की सरकार में बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है, आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संतराम ने आगे कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद बिजली गुल होना आम बात हो गई है, आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की मांग कर रही है। कांग्रेस सरकार के दौरान बिजली की समस्या को लेकर जनता कभी सड़कों पर उतरी नहीं थी, गर्मी के दिनों मे मांग के अनुसार बिजली की आपूर्ति किया जाता था। अभी गर्मी दस्तक देते ही बिजली की अव्यवस्था देखने को मिल रहा है। गर्मी बढ़ते ही बिजली के नाच-नखरे शुरू हो गई है। भाजपा राज में बिजली कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं, किसान आम जनता हो रहे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। बिजली,बेतहाशा बिजली कटौती से ग्रामीण त्रस्त, हर आधे घंटे में गुल हो रही बिजली। कांग्रेस बिजली कटौती को लेकर प्रदेश में शीघ्र ही जन आंदोलन छेड़ेगी
सभी वर्ग प्रभावित – छात्र, किसान, व्यापारी और बुजुर्ग बेहाल
इस बिजली संकट से न केवल घरेलू उपभोक्ता परेशान हैं, बल्कि छात्र, व्यापारी, दुकानदार, किसान और बीमार बुजुर्ग भी भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। पढ़ाई ठप है, दुकानें खाली पड़ी हैं, और खेतों में काम करना भी चुनौती बन गया है
दोपहर की चिलचिलाती गर्मी में पंखे बंद हो जाते हैं, पानी की मोटर नहीं चलती, और घरों में बैठना भी कठिन हो गया है। कई परिवारों ने तो इन हालात में जनरेटर या इनवर्टर का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन हर कोई यह खर्च नहीं उठा सकता
शिकायतों पर भी कोई असर नहीं, “लाइन फॉल्ट” बन गया बहाना
स्थानीय लोग कई बार विद्युत विभाग और प्रशासन से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। विभागीय अधिकारियों से बात करने पर हर बार “लाइन फॉल्ट”, “मेंटेनेंस कार्य”, या “बंदर के कूदने” जैसे जवाब मिलते हैं ना दिन में सुकून, ना रात में चैन
यह कथन आज केशकाल विधानसभा के हालात को पूरी तरह बयां करता है। उमस भरी गर्मी में लोग बिना बिजली के परेशान हैं। सुबह से ही बिजली की सप्लाई अनियमित हो जाती है, और रात को भी कुछ मिनट की राहत के बाद फिर कटौती शुरू हो जाती है।


