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साय सरकार ने पेश किया ‘झूठ का पुलिंदा’ और ‘जुमलों का बजट” संतराम नेताम

जुनैद पारेख की रिपोर्ट जिला कोंडागांव।

साय सरकार ने पेश किया ‘झूठ का पुलिंदा’ और ‘जुमलों का बजट” संतराम नेताम

छत्तीसगढ़ बजट पर पूर्व वि.स. उपाध्यक्ष का तीखा हमला कहा – “दुर्गति वाला बजट, शब्दों का मायाजाल”… संकल्प का नहीं, भ्रष्टाचार का दस्तावेज छत्तीसगढ़ विधानसभा में साय सरकार द्वारा पेश किये बजट को लेकर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “झूठ का पुलिंदा” और “जुमलों का बजट” करार दिया। संतराम नेताम ने कहा कि पहले ‘गति’ बजट लाया गया, जिसका परिणाम सबने देखा। इसके बाद ‘ज्ञान’ का बजट आया, जो उनके अनुसार ‘अज्ञान’ साबित हुआ। अब सरकार ‘संकल्प’ लेकर आई है, लेकिन इसका क्या हश्र होगा, यह भी समय बताएगा। संतराम नेताम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसे जुमलों की पतंग बताया। छत्तीसगढ़ सरकार के बजट को ‘ज्ञान-गति की दुर्गति’ के बाद ‘संकल्प’ का नया जुमला करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता जुमलों की पतंग काट देगी, बजट को जनता को निराश करने वाला और जमीनी हकीकत से दूर बताया है। उन्होंने आगे कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा और कृषि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने वित्त मंत्री पर केंद्रीय योजनाओं का श्रेय लेने का आरोप लगाया। 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के बजट में नए रोजगार के अवसर न होने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री बस योजना के लिए मात्र 10 करोड़ रुपये के प्रावधान को सरकार की गंभीरता की कमी बताया बस्तर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक तक नहीं हो पाई, तो ऐसे में क्षेत्र के विकास की बात करना केवल दिखावा है। बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान भी अपर्याप्त बताया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए भी कम राशि का आवंटन किया गया है। आयुष्मान भारत के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान अस्पतालों की उधारी के लिए भी कम है। साय सरकार का यह तीसरा बजट भी जनता को निराश करने वाला साबित हुआ है। बजट को निगम मुनाफा और संसाधनों की लूट का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि आयरन स्टील और कृषि आधारित इकाइयों के संरक्षण के लिए कुछ नहीं है। अनियमित और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा भी पूरा नहीं हुआ। रसोइया संघ और महिलाओं के लिए भी बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं हैसंतराम नेताम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर है और इसी कारण सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट ‘हम दो, हमारे दो’ की तर्ज पर चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बजट का सदन से लेकर सड़क तक विरोध करेगी।महिलाओं और विकास योजनाओं की अनदेखीसंतराम नेताम ने बजट को महिलाओं के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और रोजगार के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं है। रानी दुर्गावती योजना भी अस्पष्ट है। 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर के वादे के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। जनकल्याणकारी मदों की उपेक्षा कर उद्योग विभाग का बजट तीन गुना करने पर सवाल उठाया।

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