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नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कांकेर पुलिस का बड़ा कदम

जुनैद पारेख की रिपोर्ट जिला कांकेर

नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कांकेर पुलिस का बड़ा कदम ।

पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा के नेतृत्व में जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा विवेचकों को 183 मोबाइल डाटा टर्मिनल डिवाइस वितरित किए गए। नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिजिटल, वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं समयबद्ध विवेचना को मिलेगा नया आयाम। घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान, फोटो, वीडियो एवं अन्य दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे विवेचक। पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा के मार्गदर्शन में जिले के समस्त अनुविभागो में ASP आकाश श्रीमाल, ASP योगेश कुमार साहू,ASP आशीष बंछोर,ASP राकेश कुमार कुर्रे व अन्य राजपत्रित अधिकारियों द्वारा जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों व विवेचकों को कुल 183 मोबाइल डाटा टर्मिनल -MDT डिवाइस वितरित किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से विवेचना प्रक्रिया को डिजिटल, वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।मोबाइल डाटा टर्मिनल उपलब्ध होने से अब विवेचक घटनास्थल पर पहुंचते ही आवश्यक डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर सकेंगे।घटनास्थल के फोटो, वीडियो, गवाहों के बयान, जब्ती संबंधी दस्तावेज, केस डायरी से संबंधित आवश्यक जानकारी तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख तत्काल ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे।इससे विवेचना में अनावश्यक विलंब कम होगा, साक्ष्यों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रकरणों की वास्तविक समय (रियल-टाइम) मॉनिटरिंग भी प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।साथ ही ई-साक्ष्य विषय पर समस्त पुलिस अनुविभाग में विस्तृत प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डिजिटल साक्ष्यों के संकलन, संरक्षण, विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वैधानिक जब्ती, साइबर अपराधों की विवेचना, डिजिटल साक्ष्यों की प्रमाणिकता बनाए रखने की प्रक्रिया तथा न्यायालय में उनकी स्वीकार्यता से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही विवेचकों को नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया गया।मोबाइल डाटा टर्मिनल के उपयोग से विवेचना प्रक्रिया पूरी तरह तकनीक आधारित होगी। इससे साक्ष्यों की पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही सुनिश्चित होगी, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा अभियोजन पक्ष को न्यायालय में मजबूत आधार प्राप्त होगा। साथ ही प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं आम नागरिकों को बेहतर, तेज और प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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