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भाजपा सरकार का सुशासन त्यौहार सिर्फ ढकोसला : संतराम नेताम

जुनेद पारेख की रिपोर्ट जिला कोंडागांव

भाजपा सरकार का सुशासन त्यौहार सिर्फ ढकोसला : संतराम नेताम सुशासन त्यौहार से जनता ने बनाई दूरी – नेताम

केशकाल/ साय सरकार के द्वारा मनाये जा रहे सुशासन त्यौहार से जनता ने दूरी बना लिया है। पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने कहा कि सरकार के सुशासन त्यौहार पर जनता को भरोसा नहीं है इसीलिए लोग अपनी समस्याओं को लेकर सरकार के कार्यक्रमों में आना नहीं चाह रहे है। पिछले बार सुशासन त्यौहार में लोगों ने जो आवेदन दिया था उसका निराकरण नहीं हुआ तथा जनता के आवेदनों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया था, इसीलिए जनता का सरकार पर से भरोसा उठ गया है, जो सुशासन त्यौहार में साफ दिख रहा है। मुख्यमंत्री सचिवालय पहले से पटकथा लिखकर मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के कार्यक्रम को प्रायोजित किया जाता है जो जिसमें जनता की कोई रुचि नहीं रहती है।संतराम ने कहा कि प्रदेश में सरकारी काम ठप्प पड़े है, अकेले तहसीलो और अनुविभागों में नामांकन बंटवारा फौती नक्शा, नक्शा खसरा बंटवारा के 8 लाख से अधिक प्रकरण पेंडिंग है। यदि सरकार में सुशासन होता तो लोगो का काम नियमित हो रहा होता, तो त्यौहार मानाने की जरूरत क्यों पड़ती? यह सुशासन त्यौहार अपनी विफलता से ध्यान भटकाने का तरीका है। पिछले बार भी सुशासन त्यौहार मनाये थे और जनता से जो लाखो आवेदन प्राप्त हुए उसको कचरे के ढेर में फेंक दिए। इस बार के सुशासन त्यौहार के पहले पिछले साल के आवेदनो के बारे में जनता को बताये उनका अभी तक निराकरण क्यों नहीं हुआ? साय सरकार में युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही, आत्मानंद स्कूलों में स्टेशनरी तक नहीं, आरटीई में बच्चों को एडमिशन नहीं हो रहा, सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं हो रहा, राज्य की कानून व्यवस्था समाप्त हो गयी है। मासूम बच्ची के साथ दुराचार करके हत्या कर दी जाती है। राज्य में रोज हत्या, डकैती, बलात्कार हो रहा है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार में धान घोटाला हो जाता है। महिलाओं को घटिया साड़ी दी जाती है। आत्ममुग्ध सरकार सुशासन तिहार मना रही है। सुशासन का दंभ भरने वाली साय सरकार के राज में आम आदमी छोटे-छोटे काम के लिये सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटने को मजबूर है। पटवारी कार्यालय से लेकर तहसील दफ्तरों में लोगों के नामांतरण, फौती, त्रुटि सुधार के लाखों आवेदन लंबित है, लोगों के काम नहीं हो रहे, आम आदमी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर है। बेहद दुर्भाग्यजनक है कि लाखों लोगों को सरकार के पास सड़क, नाली, बिजली, पानी जैसे रोजमर्रा के कामों के लिये आवेदन देने सरकार के सुशासन तिहार का इंतजार करना पड़ता है। साय सरकार लोगों के मूलभूत काम को भी नहीं कर पा रही है।सुशासन तिहार मतलब जनता के साथ धोखा 2.0संतराम नेताम ने आगे कहा की केशकाल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे 30 पर स्थित केशकाल बाईपास परियोजना वास्तव में पिछले एक दशक से अधिक समय से प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय तालमेल की कमी के कारण अधर में लटकी हुई है। केशकाल बाईपास में बड़ा घोटाला, जहां सड़क बनी थी वहां पेड़ बचे और जहां नहीं बना था वहां कट गए 8000 से ज्यादा पेड़। केशकाल-विश्रामपुरी मार्ग, जिसे बस्तर की जीवन रेखा माना जाता है, अपनी बदहाली के कारण चर्चा में है। यह सड़क बस्तर क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान में इसकी हालत बहुत खराब है। केशकाल घाटी के नवीनीकरण के दौरान डायवर्टेड रूट के रूप में इस्तेमाल होने के कारण, इस मार्ग पर क्षमता से अधिक भारी वाहनों का आवागमन हुआ, जिससे यह सड़क जर्जर हो गई सड़क पर डामर की जगह केवल बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देते हैं, जिससे इस मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। सुशासन तिहार भाजपा की नाकामियों को छिपाने का दिखावा है,यह कार्यक्रम सरकार की विफलताओं—जैसे कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, और बदहाल सड़कों—को छिपाने का एक ‘प्रोपेगेंडा’ या दिखावा मात्र है, न कि वास्तव में समस्याओं का समाधान।

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