जुनेद पारेख की रिपोर्ट जिला कोंडागांव

12 समस्याओं के समाधान करने की मांग किया सीपीआई ने महामहिम राज्यपाल एवं मुख्य मंत्री छत्तीसगढ़ षासन को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा

कोण्डागांव 28 अप्रैल क्षेत्र में निरंतर संघर्शरत कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, जिला परिशद् कोण्डागांव के द्वारा महामहिम राज्यपाल एवं मुख्य मंत्री छत्तीसगढ़ षासन को सम्बोधितएक ज्ञापन को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोण्डागांव को सौंपते हुए कोण्डागांव जिला सहित आदिवासी बाहुल्य बस्तर सम्भाग क्षेत्र के आम जनों की 12 समस्याओं और मांगों की ओर षासन का ध्यान आकर्शित करते हुए जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान करने तथा जायज मांगों को पुरा करने का आग्रह किया है।सीपीआई जिला कोण्डागांव के द्वारा सौंपे गए ज्ञापन उल्लेखित मांगों में 01. ग्राम पंचायत क्षेत्र में निवासरत ग्रामीणजन, षासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें और गांव का विकास बाधित न हो, इसके लिए कोण्डागांव जिला सहित बस्तर सम्भाग के सभी जिलों के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक सचिवों की व्यवस्था किया जाए। 02 ऑपरेटर एवं सम्बन्धित अधिकारियों की लापरवाही के कारण आधार कार्ड में नागरिकों एवं नाबालिगों के नाम, सरनेम, जन्म तिथि आदि में हुई त्रुटि को सुधरवाने में नागरिकों को हो रही आर्थिक एवं मानसिक परेषानी को दूर करने के लिए सुधार कार्य प्रक्रिया को सरल किया जाए। 03 बस्तर संभाग में उद्योगों की स्थापना के लिए भूरिया समिति की सिफरिषों को लागु करके बस्तर संभाग के स्थानीय लागों की समिति बनाकर राज्य खनिज निगम की देख-रेख में उत्खन्न कार्य किए जाएं। 04 बस्तर संभाग में चतुर्थ व तृतीय श्रेणी के सभी भर्तियों में स्थानीय युुवाओं को 100 प्रतिषत प्राथमिकता दिए जाने तथा समय-समय पर होने वाली भर्तियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को ही लिया जाए। 05 वन भूमि पर वर्श 2005 के पूर्व से काबिज कास्त बस्तर संभाग के सभी जाति वर्ग के लोगों को वरियता के आधार पर अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2008 के प्रावधानों के तहत वनाधिकार प्रपत्र प्रदान किया जाए। 06 ग्रामीण व षहरी क्षेत्र के ऐसे सभी नागरिक जो षासकीय भुमि पर मकान बनाकर कई वर्शो से निवासरत हैं, उन्हें निःशुल्क पट्टा प्रदाय किया जाए। 07 बस्तर संभाग की मुल जातियों जैसे मरार (पनारा), महारा, स्थानीय धाकड़, राऊत, कलार, सुण्डी, कुम्हार, केंवट, घड़वा (घसिया), गाण्डा, पनका, लुहार, बंजारा, धोबी, नाई, कोष्टा, तेली आदि बस्तर की मूल जातियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल किया जाए। 08 बस्तर संभाग में विकास कार्य के नाम पर वनों की कटाई पर तत्कान रोक लगाया जाए तथा ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य किया जाए। 09 बस्तर संभाग के सभी जिला मुख्यालयों में चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना किया जाए ताकि बस्तर संभाग के अधिक से अधिक छात्र चिकित्सा की पढ़ाई कर सकें। सभी जिला चिकित्सालयों की दषा को सुधार कर अत्याधुनिक सर्वसुविधायुक्त बनवाया जाए। पंचायत स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना कर योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति व उपस्थिति सुनिष्चित की जाए। 10 मनरेगा कानुन को तत्काल पुर्नस्थापित कर बजट में पर्याप्त वृद्धि कर 200 दिन का रोजगार गारण्टी प्रदान किए जाने। 11 बस्तर संभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चुस्त दुरुस्त कर उचित मुल्य की दुकानों का स्थाई निर्माण कर सभी आवष्यक उपभोक्ता वस्तुओं का वितरण एवं बिक्री की पर्याप्त व्यवस्था तथा आपातकाल स्थिति के लिए पंचायत स्तर पर अनाज भण्डारण व उचित देखरेख की व्यवस्था किया जाए। 12, 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके किसानों को शासन द्वारा वृद्धावस्था पेंशन प्रदाए किया जाए। सीपीआई ने कहा कि उपरोक्त समस्याओं के समाधान हेतु सौंपे जा रहे ज्ञापन को षासन-प्रषासन संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए, अन्यथा जन समर्थन के साथ सीपीआई आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी षासन-प्रषासन की होगी।

RELATED ARTICLES

Most Popular